तीसरी वार्ता फेल, JPSC मेंबर्स का इस्तीफा, आज छात्रों का ‘महासंग्राम’… रांची प्रोटेस्ट के बड़े अपडेट्स – ranchi student protest day 16 jpsc members resign assembly march jharkhand ntc dhrj

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झारखंड की राजधानी रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्र सोमवार को अपनी मांगों के समर्थन में विधानसभा तक मार्च निकालेंगे. हालांकि, सकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मार्च न निकालने की अपील की है और पूरे इलाके में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है. वहीं, रविवार को छात्रों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच पांच घंटे से ज्यादा तक बात चली. सरकार ने छात्रों की कई अहम मांगों पर सहमति जताकर आंदोलन को खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन CBI जांच, समेत कई मुद्दे पर पेच फंस गया. 

सरकार 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और मामले की जांच के लिए तैयार है. साथ ही छात्रों की दूसरी मांगों पर भी सरकार ने सहमति जताई है. उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार का दावा है कि अनशन कर रहे छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं. लेकिन छात्रों का कहना है कि सिर्फ परीक्षा रद्द करना पर्याप्त नहीं है. वे भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक की CBI से निष्पक्ष जांच चाहते हैं. इसके अलावा छात्र JSSC-CGL की परीक्षा को भी रद्द करने की मांग पर अड़े हैं. 

यही असहमति अब आंदोलन को अगले मोर्चे पर ले गई है. सरकार छात्रों से प्रदर्शन टालने की अपील कर रही है, जबकि छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

इस बीच JPSC में बड़ा घटनाक्रम रविवार को सामने आया है. कमीशन के तीन सदस्यों ने रविवार को अपना इस्तीफा राज्यपाल संतोष गंगवार को सौंप दिया. राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. JPSC के चेयरमैन  एल. खियांग्ते ने पहले से ही अपना इस्तीफा दे रखा है. इस तरह से जेपीएससी के पुनर्गठन की राह साफ हो गई है.

रविवार को रांची में क्या-क्या हुआ?

सुबह से लेकर देर रात तक बैठकों का दौर चलता रहा. एक तरफ सरकार आंदोलित युवाओं को शांत कराने के लिए बीच का रास्ता तलाशती दिखी, तो दूसरी तरफ छात्र अपनी मुख्य मांग पर बिना किसी समझौते के टिके रहे. पूरे दिन में क्या-क्या हुआ और किस बात पर पेच फंसा रहा, आइए पूरी बात समझते हैं.

सड़कों पर बढ़ता हुजूम और तैयारी

आंदोलन के 16वें दिन रविवार सुबह से ही राज्य के अलग-अलग जिलों से छात्र रांची पहुंचने शुरू हो गए थे. पुरानी विधानसभा परिसर और मोरहाबादी मैदान के पास अभ्यर्थियों की भीड़ इतनी बढ़ गई कि वहां बना पंडाल छोटा पड़ गया. भीड़ को देखते हुए वहां नया मंच तैयार किया गया.

मंच पर छह छात्र कई दिनों से बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं, जिनके स्वास्थ्य पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर रखे हुए है. युवाओं का रुख बेहद स्पष्ट है कि इस बार लड़ाई केवल आश्वासनों से खत्म नहीं होगी.

आयोग में बड़ा इस्तीफा

दोपहर में प्रशासनिक महकमे में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया. छात्रों के भारी विरोध और पुलिस की बढ़ती जांच के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के तीन सदस्यों डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने एक साथ अपने पदों से इस्तीफा दे दिया.

तीनों सदस्यों ने अपना त्यागपत्र राजभवन भेजा, जिसे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तुरंत मंजूर कर लिया. दरअसल, भर्ती धांधली की जांच कर रही CID की टीम ने इन तीनों सदस्यों को पूछताछ के लिए समन भेजा है. इसमें अजीता भट्टाचार्य को 10 अगस्त, जमाल अहमद को 12 अगस्त और अनिमा हांसदा को 14 अगस्त को हाजिर होने के निर्देश दिए गए हैं.

पूछताछ की तारीख से ठीक पहले आए इन इस्तीफों से प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई. इससे पहले आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते भी 22 जुलाई को अपने पद से हटने का फैसला कर चुके थे. ऐसे में तीनों सदस्यों के जाने के बाद आयोग का टॉप ढांचा पूरी तरह खाली हो गया है.

5 घंटे चले मंथन के बाद भी नहीं बनी बात

शाम के वक्त आंदोलन को खत्म कराने के लिए सरकार की विशेष कमेटी और छात्र प्रतिनिधियों के बीच स्टेट गेस्ट हाउस में तीसरे दौर की आधिकारिक बातचीत शुरू हुई. इस बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा मौजूद थे. छात्र प्रतिनिधिमंडल की तरफ से कई प्रमुख छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए.

करीब पांच घंटे तक चली इस बैठक में सरकार का तर्क था कि उसने छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत मांगें स्वीकार कर ली हैं. इसमें 14वीं JPSC पीटी परीक्षा को रद्द करना, एसीएफ परीक्षा रद्द करना, टीडीपीएल एजेंसी की परीक्षाओं की जांच कराना और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक्सपर्ट्स की कमेटी बनाना शामिल है.

तमाम प्रस्तावों के बावजूद छात्र अपनी मुख्य मांग JSSC-CGL परीक्षा की सीबीआई जांच कराने पर अड़े रहे. छात्र नेताओं का कहना था कि जब तक पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष केंद्रीय एजेंसी से जांच का लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा.

CBI जांच को लेकर सरकार का तर्क

बैठक के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सरकार युवाओं के साथ न्याय करना चाहती है, लेकिन JSSC-CGL परीक्षा का मामला हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में रहा है. इस वजह से राज्य सरकार के स्तर पर इस परीक्षा की सीबीआई जांच का आदेश तुरंत देना संभव नहीं है.

विकल्प के तौर पर सरकार ने प्रस्ताव रखा कि भर्ती परीक्षाओं में रुपयों के लेन-देन की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंपी जाएगी. इसके अलावा, दोषियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन होगा, जो 90 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट और चार्जशीट दाखिल करेगा.

साथ ही हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की देखरेख में स्वतंत्र जांच समिति बनाने पर सहमति दी गई. हालांकि, छात्र इन विकल्पों से संतुष्ट नहीं हुए और बातचीत पूरी तरह बेनतीजा खत्म हो गई.

‘समाधान बातचीत से निकलेगा, लाठी से नहीं’: CM

रांची में चल रहे झारखंड आदिवासी महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान भी सामने आया. उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे अभ्यर्थियों के दर्द को अच्छी तरह समझते हैं और हर छात्र को पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री का कहना था कि किसी भी समस्या का हल आपस में बैठकर बातचीत करने से निकलता है, लाठी या बंदूक उठाने की जरूरत नहीं है. हथियारों की जरूरत देश की सीमाओं पर होती है, अपनों के बीच नहीं.

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दल युवाओं के आंदोलन का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करने की कोशिश कर रहे हैं. परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी.

नई विधानसभा तक मार्च का ऐलान

बैठक में कोई रास्ता न निकलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी आगे की रणनीति तय कर ली. उन्होंने साफ कर दिया कि अब वार्ताओं का दौर खत्म हो चुका है और सरकार को ठोस फैसला लेना ही होगा.

छात्रों ने तय किया है कि सोमवार सुबह 10 बजे पुरानी विधानसभा परिसर से एक विशाल महामार्च निकाला जाएगा. यह मार्च नई विधानसभा भवन तक जाएगा, जहां छात्र अपनी मांगों को लेकर मार्च निकालेंगे.

सुरक्षा को लेकर रांची पुलिस मुस्तैद

रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा तक मार्च निकालने के ऐलान को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा की तैयारी तेज कर दी है. सिटी SP पारस राणा ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने की संभावना है. इसे देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर छात्र शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करते हैं तो उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी. हिंसा की कोशिश करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

वायरल वीडियो में दिख रही बंदूक को लेकर भी उन्होंने सफाई दी. उन्होंने कहा कि जिसे पैलेट गन समझा जा रहा है, वह असल में पेंटबॉल गन है. इससे नरम रंगीन गेंदें निकलती हैं, जिनसे उपद्रव करने वालों की पहचान की जा सकती है. उन्होंने कहा कि पैलेट गन सिर्फ आपात स्थिति के लिए रखी जाती है.

फिलहाल 16वें दिन के तनावपूर्ण घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजरें सोमवार सुबह शुरू होने वाले इस महाआंदोलन पर टिकी हुई हैं.

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